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स्वास्थ्य केंद्र बना लापरवाही का अड्डा – बिना डॉक्टर इलाज, मरीजों की जिंदगी दांव पर”

स्वास्थ्य केंद्र बना लापरवाही का अड्डा – बिना डॉक्टर इलाज, मरीजों की जिंदगी दांव पर”

जिला ब्यूरो चीफ जीशान अंसारी की खास रिपोर्ट

बेलगहना। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना में डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। रोजाना आसपास के गांवों से दर्जनों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की गैरहाजिरी के चलते उन्हें दवा तो मिलती है, पर उचित परामर्श और उपचार नहीं।

जानकारी के अनुसार, यहां पदस्थ डॉ. वर्मा की ड्यूटी कुरदर शिविर में लगा दी गई है। वहीं, दूसरे डॉक्टर छुट्टी पर होने से मरीजों को घंटों इंतजार के बाद भी डॉक्टर नहीं मिल पा रहे। नतीजतन मरीजों को या तो निराश लौटना पड़ रहा है, या फिर निजी अस्पताल और झोलाछाप डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसमी बीमारियां जैसे वायरल बुखार और सर्दी-खांसी तेजी से फैल रही हैं, ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की यह लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर रही है।

इलाज के लिए आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना पहुंचे मरीजों में चैति बाई (सक्तिबहरा), आयुष रजक (14 वर्ष, सक्तिबहरा), आदर्श (बहेरामुड़ा), आयुष्मान (10 वर्ष, बेलगहना), संजय साहू (बेलगहना), जीतेन्द्र कुमार (45वर्ष, सक्तिबहरा), पार्वती (32वर्ष, करहिकछार) समेत कई लोग शामिल थे।

मरीजों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर राजेश्वरी खुरसेंघा नाम की अटेंडर ने उनसे बदतमीजी से कहा कि “डॉक्टर घूमने गए हैं, दवा लो और जाओ”। ज़ब पर्ची बनाने की बात कही गई तब खुरसेंघा जी बकायदा मोबाईल पर वीडियो देख रहीं थी वहीं मरीज इंतजार कर रहे थे मरीजों के द्वारा दबाव बनाएँ जाने पर्ची बनाई गई. मरीजों का कहना है कि बिना जांच के दवा थमा दी जाती है, जो उनकी सेहत के लिए जोखिमभरा है यह दवा भी पर्ची बनाने वाली मैडम स्वयं मरीजों को थमा रहीं हैं बिना डॉक्टर के परामर्श के खुद पर्ची बनाकर उसमें बिना दवा लिखे दवा उपलब्ध कराना मरीजों की सेहत से खिलवाड़ नहीं तो और क्या है। राखी राम कश्यप के द्वारा मरीजों को बिना डॉक्टर के लिखे ही दवाई दी गई।सुबह स्वास्थ्य केंद्र समय पर खुल तो जाता है लेकिन स्टॉफ समय पर उपस्थित नहीं होता, स्टॉफ आ भी जाएं तब मरीजों को इंतजार कराते हैं और पहले सफर की थकान दूर करने के बाद काम शुरु करते हैं ऐसे में मरिज जिए अथवा मरे इनसे इन्हें कोई सरोकार नहीं। वहीं लंच के समय पर भी मरीज परेशान होते रहें कोई देखने वाला नहीं जबकि लंच का समय लगभग चालीस से पैतालिस मिनट का होता है।इस संबंध में बीएमओ कोटा डॉ. निखलेश गुप्ता ने कहा कि बेलगहना में सिर्फ दो डॉक्टर पदस्थ हैं। इनमें से एक डॉक्टर छुट्टी पर हैं और दूसरे की ड्यूटी कुरदर में लगी हुई है। आपके द्वारा कार्य में उपस्थित अटेंडर के द्वारा किये गए दुर्व्यवहार की सूचना प्राप्त हो रही है उचित कार्यवाही की जाएगी मैं देखता हूँ।वहीं इलाज के लिए पहुंचे दो शिक्षकों ने कहा की ज़ब हम जैसे शिक्षित लोगों से इस तरह का दुर्व्यवहार पूर्ण बात किया जा रहा है तब इलाज कराने पहुंचे वनाँचल के ग्रामीणों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा।अपने कार्य में मोबाईल देखते हुए लापरवाही तो कर ही रहें हैं साथ में शिक्षित लोगों से दुर्व्यवहार कर रहें हैं ऐसे लोगों की जरूरत बेलगहना में नहीं है। मरीज की कुछ हद तक इलाज अच्छे व्यवहार से भी की जा सकती है।

SDM कोटा से भी शिकायत की गई
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोटा को घटना की जानकारी दी गई है जिसपर मामले को देखने की बात कही गई है।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बेलगहना स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को भटकना न पड़े और उन्हें समय पर सही इलाज मिल सके।

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